व्यक्तित्व निखरेगा सोच शहर चले थे,
अनजाने अस्तित्व धूमिल होता चला ।
👨👩👦
जिसे 'कमल जी के लड़के' से पूछते थे लोग,
उसका पता मकान नंबर ५६ हो चला ।
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अनजाने अस्तित्व धूमिल होता चला ।
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जिसे 'कमल जी के लड़के' से पूछते थे लोग,
उसका पता मकान नंबर ५६ हो चला ।
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