खयाल खाली ही रहता है अक्सर...
पर यादें सोचने को मजबूर कर देती हैं...
याद आती तो है... पर मैं याद करता हूँ किसको??
मुस्कुराती आँखों से झांकते काजल को...
या काजल की आड़ में छुपे भोलेपन को...
सुनहरे चेहरे पर पड़ती उजली धूप को...
या उसी उजली धूप में चमकती बिंदिया को...
हँसी से भरी तुम्हारी बातों को...
या बातों से भरे तुम्हारे नखरो को...
साथ बिताये जन्मदिन पर दोगुनी हुई खुशियों को...
या मोमबत्तियो की रौशनी को दुगना करते तुम्हारी मुस्कान को...
मोर पंखो सी दिखने वाली तुम्हारी उस हरी कुर्ती को...
या कानो पर शैतानी करते तुम्हारे उन हरे झुमको को...
नाराज़ होने की झूठी कोशिश करती आँखों को...
या सच में नाराज़गी से भरी चुप्पी को...
सच तो सिर्फ इतना है...
मुझसे जुड़ी ऐसी कोई चीज़ नहीं... जिससे तुम्हारी बातें न हो...
मुझसे जुदा वो सब कुछ है... जिसमे तुम्हारी यादें न हो...
ख्याल खाली ही रहता है अक्सर...
पर तुम्हारी यादें सोचने को मजबूर कर देती हैं...
याद आती तो बेहद है... और मैं याद करता हूँ सिर्फ तुमको...
पर यादें सोचने को मजबूर कर देती हैं...
याद आती तो है... पर मैं याद करता हूँ किसको??
मुस्कुराती आँखों से झांकते काजल को...
या काजल की आड़ में छुपे भोलेपन को...
सुनहरे चेहरे पर पड़ती उजली धूप को...
या उसी उजली धूप में चमकती बिंदिया को...
हँसी से भरी तुम्हारी बातों को...
या बातों से भरे तुम्हारे नखरो को...
साथ बिताये जन्मदिन पर दोगुनी हुई खुशियों को...
या मोमबत्तियो की रौशनी को दुगना करते तुम्हारी मुस्कान को...
मोर पंखो सी दिखने वाली तुम्हारी उस हरी कुर्ती को...
या कानो पर शैतानी करते तुम्हारे उन हरे झुमको को...
नाराज़ होने की झूठी कोशिश करती आँखों को...
या सच में नाराज़गी से भरी चुप्पी को...
सच तो सिर्फ इतना है...
मुझसे जुड़ी ऐसी कोई चीज़ नहीं... जिससे तुम्हारी बातें न हो...
मुझसे जुदा वो सब कुछ है... जिसमे तुम्हारी यादें न हो...
ख्याल खाली ही रहता है अक्सर...
पर तुम्हारी यादें सोचने को मजबूर कर देती हैं...
याद आती तो बेहद है... और मैं याद करता हूँ सिर्फ तुमको...

yaad karta to hoon main aksar,
ReplyDeletepata nahin tumko,
ya phir tum mein basi aur tumse judi un tamaam yaadon ko....
so many emotions penned down in such a simple way..:)..awsum!!
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